Muhurat Kya Hota Hai? (मुहूर्त क्या होता है)
मुहूर्त वैदिक ज्योतिष का एक महत्वपूर्ण अंग है। यह समय का एक विशेष काल खंड होता है जिसमें किसी कार्य को आरंभ करने पर शुभ फल की प्राप्ति होती है। एक दिन में कुल 30 मुहूर्त होते हैं।
वैदिक परंपरा में सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को दिन माना जाता है। इसीलिए यह कैलकुलेटर वैदिक दिन के अनुसार मुहूर्त गणना करता है — अर्थात् रात्रि में भी सूर्योदय तक पिछले दिन का पंचांग ही मान्य होता है।
🌄 ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय से 96 मिनट पहले। पूजा, ध्यान और अध्ययन के लिए सर्वश्रेष्ठ।
☀️ अभिजित मुहूर्त
दिन के मध्य का 48 मिनट। सभी शुभ कार्यों के लिए दिन का सर्वोत्तम समय।
🏆 विजय मुहूर्त
दोपहर बाद का काल। नई शुरुआत और महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए शुभ।
🌅 गोधूलि मुहूर्त
सूर्यास्त के समय। विवाह और गृह प्रवेश के लिए अत्यंत शुभ काल।
🚫 राहु काल
प्रतिदिन का अशुभ काल। इस समय कोई भी नया शुभ कार्य नहीं करना चाहिए।
⛔ गुलिक काल
शनि के पुत्र मांडी का काल। यात्रा और नए कार्यों से बचना चाहिए।